झारखंड : SIR में नोटिस मिला तो न करें देरी!, पहले 7 दिन, फिर दोबारा मिलेगा 7 दिन का मौका
झारखंड SIR में नोटिस मिलने वाले मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए दो चरणों में सात-सात दिन का मौका मिलेगा। CEO के. रवि कुमार ने पात्र मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि नोटिस जारी करने और दावा-आपत्तियों के निस्तारण का चरण मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य श्रेणियों से जुड़े मतदाताओं के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी विदेशी या अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
नोटिस मिलने के बाद मिलेगा 7 दिन का पहला मौका
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के मुताबिक, SIR के इस चरण में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य संबंधित श्रेणियों में शामिल मतदाताओं को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी यानी ERO स्तर से जारी नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा।
नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में सात दिनों का समय दिया जाएगा।
अगर इस अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो BLO दोबारा संबंधित मतदाता से संपर्क करेंगे और फिर से नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त सात दिन का मौका मिलेगा।
15 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
झारखंड में SIR के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा 14 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा।
पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और सुधार का काम जारी
के. रवि कुमार ने बताया कि फिलहाल राज्य में मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के साथ नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची में जरूरी सुधार का काम चल रहा है।
ऐसे झारखंड निवासी जिनका नाम किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और वे अपना नाम झारखंड की मतदाता सूची में स्थानांतरित कराना चाहते हैं, उनसे फॉर्म-8 और घोषणा पत्र प्राप्त कर संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा एक परिवार या एक ही घर के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
आवेदन में मिली गड़बड़ियों का होगा सत्यापन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इन्यूमरेशन चरण में मतदाताओं से प्राप्त आवेदनों और आंकड़ों में मिली त्रुटियों एवं विसंगतियों को दूर किया जा रहा है।
नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया के जरिए आवेदनों और उपलब्ध आंकड़ों का विधिसम्मत सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को किसी तरह घबराने की जरूरत नहीं है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ERO, AERO और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पात्र भारतीय नागरिकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी मतदाता सूची
के. रवि कुमार ने सभी पात्र भारतीय नागरिकों से SIR में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए तैयार मतदाता सूची को स्थायी अभिलेख के रूप में संधारित किया जाएगा।
मतदाता सूची में दर्ज प्रमाणित और सही जानकारी भविष्य में मतदाता और उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख के रूप में उपयोगी हो सकती है। इसलिए सभी मतदाताओं को अपने विवरण की जांच कर लेनी चाहिए और जरूरत होने पर निर्धारित फॉर्म और जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने चाहिए।
विदेशी नागरिक के नाम पर दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं।
उन्होंने राजनीतिक दलों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA-2 और आम नागरिकों से अपील की कि अगर किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास हो रहा है या ड्राफ्ट सूची में उसका नाम शामिल है, तो फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
ऐसी आपत्तियों के आधार पर ERO और AERO स्तर पर संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी और नियम के अनुसार आदेश पारित किया जाएगा।
विदेशी नागरिक के पंजीकरण में सहयोग न करने की अपील
के. रवि कुमार ने कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को मतदाता सूची में पंजीकरण कराने में सहयोग नहीं किया जाना चाहिए।
अगर किसी परिवार में विवाह या किसी अन्य माध्यम से कोई विदेशी नागरिक रह रहा है तो उसे पहले गृह मंत्रालय, भारत सरकार से भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए आवेदन करना दंडनीय अपराध है।
1950 हेल्पलाइन पर मिलेगी मदद
SIR, नोटिस, दावा-आपत्ति, जरूरी दस्तावेज या सुनवाई से जुड़ी किसी भी जानकारी और सहायता के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रांची में प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस का बड़ा आयोजन, प्रभारी के. राजू और अभिनेत्री कोनिका सदानंद होंगी मुख्य अतिथि, जुटेंगे दिग्गज

बेड के नीचे छिपाकर रखा था देसी कट्टा, पलामू पुलिस ने हैदरनगर से 2 अपराधियों को दबोचा







