एल नीनो के खतरे पर केंद्र सतर्क, 326 जिलों के लिए तैयारी
रीफ फसलों की सुरक्षा के लिए राज्यों के साथ मिलकर बनेगी योजना

खरीफ सीजन से पहले केंद्र सरकार ने एल नीनो के आने वाले असर को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि सचिव अतिश चंद्र ने बताया कि सरकार जून के अंत में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नए पूर्वानुमान का इंतजार कर रही है। इसके बाद खरीफ फसलों को बचाने के लिए जरूरी रणनीति बनाई जाएगी। IMD ने जून से सितंबर के बीच मानसून को सामान्य से कम, यानी दीर्घकालिक औसत का करीब 90% रहने का अनुमान जताया है। फिलहाल मानसून भी अपने सामान्य समय से 4 से 5 दिन पीछे चल रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र की चिंता बढ़ गई है।
कृषि मंत्रालय ने देश के 12 राज्यों के 326 जिलों को एल नीनो के नजरिए से अधिक जोखिम वाला माना है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा शामिल हैं। मंत्रालय इन जिलों के लिए विशेष रणनीतियां तैयार कर रहा है। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), CRIDA और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की मदद ली जा रही है। खास तौर पर वर्षा पर निर्भर खेती वाले क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इस स्थिति का सामना करने के लिए पहले से कई कदम उठाए गए हैं। अमृत सरोवर योजना के तहत 75 हजार तालाबों का पुनर्जीवन किया गया है और एक लाख से अधिक भूजल रिचार्ज ढांचों को फिर से सक्रिय किया गया है। कृषि सचिव ने बताया कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में बेहतर है। सरकार को उम्मीद है कि समय रहते तैयारी से किसानों पर आने वाले असर कम किया जा सकेगा।
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